What is Terrorism? आतंकवाद क्या है इसके कारण ? भारत में आंतकवाद का रूप , आतंकवादी घटनाये |


                    

What is Terrorism? आतंकवाद

             


आतंकवाद अंग्रेजी भाषा के शब्द Terrorism का हिंदी रूपांतरण है  शब्द की Terrorism उत्पत्ति लेटिन भाषा के शब्द से हुई है जिसका अर्थ होता है भय या डर |

इस प्रकार आतंकवाद भय  पर आधारित एक गैर कानूनी गतिविधि है जिसमें हिंसक साधनों का प्रयोग कर दबाव पूर्ण तरीके से अपने संकीर्ण उद्देश्यों को पूरा करने का प्रयत्न किया जाता है |

आतंकवाद एक ऐसी नकारात्मक विचारधारा है जो अपने संकीर्ण हितों को पूरा करने के लिए हिंसात्मक गतिविधियों में विश्वास करती है |

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक आतंकवाद की एक सार्वभौमिक की परिभाषा को स्वीकार नहीं किया जा सका है |

आतंकवाद के प्रमुख लक्षण राज्य अथवा समाज के विरुद्ध अवैध एवं गैर कानूनी हिंसात्मक गतिविधियां धार्मिक आधार पर अपनी गतिविधियों को उचित ठहराने का प्रयत्न करते हैं |

आतंकवाद के कारण

 सरकार की शोषण और अन्याय की प्रवृतियां गरीबी , बेरोजगारी , भ्रष्टाचार के कारण युवाओं में तीर्व आक्रोश अवैध शस्त्र व्यापार आतंकवादियों को विदेशी सहायता प्राप्त होना राजनीतिक दलों द्वारा अपराधी तत्वों को संरक्षण प्रदान करना |

आतंकवाद के परिणाम भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले एक दशक में आतंकवाद ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की क्षति पहुंचाई है |

साथ ही आतंकवाद के कारण विकासशील देशों के आर्थिक विकास की दर में 1.5 प्रतिशत की कमी आई है इस दौरान आतंकी घटनाओं में 2 लाख से अधिक लोगों की जान गई है

2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला , इस्लामिक स्टेट द्वारा अमेरिका सहित कई यूरोपीय देशों में आतंकी हमले हाल ही में न्यूजीलैंड की मस्जिद में आतंकी हमला 2014 में पेशावर में एक स्कूल में बम ब्लास्ट इत्यादि प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आतंकी घटनाएं हैं |

भारत में आतंकवाद का इतिहास

आगामी जापू की जो नागा नेशनल काउंसिल को भारत का प्रथम आतंकवादी संगठन माना जाता है | इस संगठन के माध्यम से नागा विद्रोहियों ने नागालैंड को भारत से अलग करने के लिए आतंकी गतिविधियों का सहारा लिया गया था | पंजाब में खालिस्तान नामक अलग देश की मांग करना ,इंदिरा गांधी व राजीव गांधी की हत्या करना , संसद भवन पर आतंकी हमला करना , मुंबई में ताज होटल पर हमला इत्यादि भारतीय इतिहास की प्रमुख आतंकी घटनाएं हैं |

1990 के दशक में असम में उल्फा वह बोडो प्रमुख आतंकी संगठन के रूप में उभरे मणिपुर में पीपुलिस रिवॉल्यूशनरी पार्टी , त्रिपुरा में त्रिपुरा उपजाति युवा समिति और नेशनल वॉलिंटियर्स मेघालय में खांसी तथा जयंती या लिबरेशन आर्मी अन्य प्रमुख आतंकी संगठन है | इसी प्रकार तमिलनाडु में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम एक प्रभावकारी आतंकी संगठन रहा है जिसका प्रभाव से लंका तक रहा है |

वस्तुतः भारत में आतंकी घटनाओं में बीसवीं सदी के अंतिम दशक से तीर वृद्धि देखने को मिली है , जब भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर द्वारा गुटनिरपेक्षता की नीति में झुकाव प्रदर्शित किया | इस घटना के बाद तालिबान जैसे मध्य एशियाई देशों के आतंकी संगठनों ने भारत में आतंकी हमलों की बारंबारता को बढ़ा दिया है |

समय-समय पर भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस तथ्य को लक्ष्यों के साथ उठाया है किंतु वैश्विक पटल पर गुटबंदी के कारण भारतीय संबंध में अधिक सफल नहीं हो पाया है | इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि भारत ने 1970 के दशक में संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की वैश्विक परिभाषा तय करने का प्रस्ताव रखा था जो अभी तक लंबित है

आतंकवाद को समाप्त करने हेतु सुझाव

राष्ट्रीय समस्याओं में आम सहमति निर्मित करना शासन और जनता के बीच व्यापक सहयोग कानून और न्याय व्यवस्था में सुधार सामाजिक आर्थिक न्याय की स्थापना नैतिकता का विकास सुरक्षाबलों का आधुनिकरण

आतंकवाद और धर्म 

कहीं बाहर आतंकवाद को एक धर्म विशेष से जोड़कर देखा जाता है किंतु आतंकवाद और धर्म परस्पर अलग-अलग है आतंकवादियों द्वारा अपनी अपनी गैर कानूनी गतिविधियों को तर्कसंगत सिद्ध करने के लिए धर्म का अनुचित सहारा लिया जाता है इसके पीछे प्रमुख कारण आतंकवादियों द्वारा एक वर्ग विशेष का समर्थन प्राप्त करना होता है साथ ही दूसरे वर्ग के प्रति द्वेष भाव उत्पन्न करना होता है कहीं बाहर राजनीतिक दलों द्वारा वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज में इस प्रकार की संकीर्ण गतिविधियों को प्रशिक्षण दिया जाता है किंतु एक जिम्मेदार और सुशिक्षित नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि धर्म और आतंकवाद को अलग-अलग देखा जाए वस्तु है आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है और कोई धर्म आतंकवाद का समर्थन नहीं करता है

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