भारत मे राजनीति का अपराधीकरण ।। राजनीतिक अपराधीकरण का क्या अर्थ है । political criminalization.

 भारत मे राजनीति का अपराधीकरण ।। राजनीतिक अपराधीकरण का क्या अर्थ है ।  political criminalization.

राजनीति का अपराधीकरण

अर्थ - 

राजनीतिक अपराधीकरण वह प्रवृत्ति है जिसके अंतर्गत अपराधी पृष्ठभूमि के लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं राजनीति में प्रवेश करने सत्ता को प्राप्त करने व सत्ता में बने रहने के लिए राजनीतिक द्वारा समय-समय पर अपराधियों की मदद लेना राजनीतिक अपराधीकरण कहलाता है साधारण शब्दों में मैं यह बात कहना चाहता हूं कि राजनीतिक अपराधीकरण का अर्थ होता है कि राजनीतिक प्रक्रिया में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों का शामिल होना ही  राजनीतिक अपराधीकरण कहलाता है |

  

भारत में राजनीति को एक लाभप्रद व्यवसाय के रूप में मान लेने की प्रवृत्ति ही राजनीतिक अपराधीकरण को जन्म देती है भारतीय राजनीति का अपराधीकरण एक ऐसी परिघटना है जिसने लोकतंत्र को दिशा वहीं कर दिया है और चुनाव में बाहुबल और धनबल के बुरे प्रभाव ने संपूर्ण लोकतांत्रिक व्यवस्था को क्षत - विश्रित कर  दिया है इस प्रवृत्ति के परिणाम स्वरुप ही चुनावी राजनीति का अपराधीकरण हो गया ।

राजनीतिक अपराधीकरण के कारण - 

1. राष्ट्रीयता की भावना का अभाव

2.  गरीबी अशिक्षा बेरोजगारी 

3. राजनेता व राजनीतिक दलों द्वारा साधनों की पवित्रता में विश्वास न करना 

4. कानूनों को प्रभावशाली रूप से लागू न करना

5. कुशल ईमानदार व निष्पक्ष नेतृत्व का अभाव

6. पुलिस नेताओं एवं अधिकारियों में परस्पर अनैतिक सांठगांठ का पाया जाना

7. जनता द्वारा अपराधी प्रवृत्ति के राजनीति को की स्वीकार्यता

8. न्यायिक प्रणाली की कमियां

9. दलीय राजनीति एवं सत्ता प्राप्ति की अत्यधिक लालसा

10. निर्वाचन प्रणाली की कमियां

11. राजनीति में धन एंव  बल का मिश्रण 


राजनीतिक अपराधीकरण   निवारण के  उपाय -

1. निर्वाचन आयोग का पारदर्शी गठन करना ।

2. नोटा जैसे उपायों की व्यवस्था करना जिससे अपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति चुनाव में जीत सके ।

3. कानून को कठोर बनाते हुए इन्हें प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना । 

4. अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को चुनावी प्रक्रिया में शामिल ने करना  ।

5. फास्टट्रैक न्यायालयों की विशेष व्यवस्था करनी चाहिए ।

6. अपराधियों को टिकट देने वाले राजनीतिक दलों पर 

7. जुर्माना व दंड का प्रावधान करना  ।

8. निर्वाचन प्रणाली की कमियों को दूर करना ।

9. शासन की क्षमता व गुणवत्ता में गिरावट को दूर करना 

 

भारतीय राजनीतिक अपराधीकरण का वर्तमान परिदृश्य  - 

यदि हम सॉल्वी लोकसभा का विश्लेषण करें तो पाएंगे लोकसभा के 34% सदस्य आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं इनके विरुद्ध आपराधिक मामले विचाराधीन है हमारे जनप्रतिनिधियों ने आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों की निरंतर बढ़ती संख्या को लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा सकता भारतीय राजनीति में निरंतर बढ़ते हुए अपराधों की संख्या इसके अपराधीकरण का स्तर प्रदर्शित कर रही है ।

 

भारतीय राजनीति अपराधीकरण से किस प्रकार प्रभावित होती है स्पष्ट कीजिए


1. धन , बल और जिताऊ उम्मीदवार को टिकट -

भारत के सभी राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवार का चयन है लोकतांत्रिक व निरंकुश ढंग से किया जाता है इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सभी राजनीतिक दल केवल इस बात से चिंतित रहते हैं कि उनकी उम्मीदवारों को जीत सुनिश्चित हो सभी दल ईमानदारी छवि वाले लोगों की बजाय धनबल और बाहुबल वाली जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट देते हैं ।

2. अपराधी द्वारा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से चुनावी राजनीति में शासन को प्रभावित करना - 

राजनीति के अपराधीकरण के व्यापक अर्थ में अपराधी तत्व प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से चुनावी राजनीति और शासन को प्रभावित करता है इससे धन वैभव बल से किसी राजनीतिक दल की मदद करना असामाजिक तत्वों के माध्यम से मतदान बूथों पर कब्जा वह चुनाव में फर्जी मतदान करना आदि सम्मिलित है इसके अतिरिक्त विपक्षी उम्मीदवार को डराना अपहरण करना एवं हत्या कर देना आदि गतिविधियां शामिल है । पिछले दो-तीन चुनाव में अपराधी पृष्ठभूमि वाले लोगों का सभी राजनीतिक दलों ने भरपूर उपयोग किया पार्टी के लिए फंड जुटाने से लेकर बल व पैसे के जोर पर मतदाताओं के रुख को बदलने में अपराधियों की भूमिका में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है ।

3. अपराधियों का विधानसभा में भारतीय संसद में प्रत्यक्ष प्रवेश व हस्तक्षेप -

संकीर्ण अर्थ में राजनीति के अपराधीकरण से आशय है कि अपराधियों का भारतीय संसद और विधानसभाओं में प्रत्यक्ष प्रवेश व हस्त से वर्तमान में भारतीय राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सदस्यों की संख्या लोकसभा तथा विधानसभाओं में निरंतर बढ रही है वर्तमान में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग ने केवल उम्मीदवारी हासिल करके चुनाव जीत रहे हैं बल्कि मंत्री बनकर उस देश की नीति धारक बन गए । 

4. राजनीतिक व अपराधियों के मध्य सांठगांठ - 

देश के प्रत्येक कोने में चुनाव में आपराधिक गतिविधियों से निकट का संबंध बना रहा है कई अपराधी जेल में बैठे चुनाव जीतकर संसद के गलियारे तक पहुंच जाते हैं ऐसे अपराधिक पृष्ठभूमि वाले तत्वों के विरुद्ध सभी प्रकार के मामले विचाराधीन हैं जिसमें हत्या , डकैती ,अपहरण ,जबरन वसूली से लेकर बलात्कार जैसे गंभीर अपराध शामिल है ।

Q.  राजनीतिक अपराधीकरण की जांच हेतु किस समिति का गठन किया गया है ?

भारत में राजनीतिक अपराधीकरण की गंभीरता से जांच पड़ताल करने के लिए सरकार के द्वारा एम. एन. बोहरा  समिति का गठन किया गया है । 

वोहरा (समिति) रिपोर्ट अक्टूबर 1993 में पूर्व भारतीय गृह सचिव, एन.एन. वोहरा द्वारा प्रस्तुत की गई थी। इसने राजनीति के अपराधीकरण की समस्या और भारत में अपराधियों, राजनेताओं और नौकरशाहों के बीच गठजोड़ का अध्ययन किया।

 रिपोर्ट में आधिकारिक एजेंसियों द्वारा आपराधिक नेटवर्क पर किए गए कई अवलोकन शामिल थे जो वस्तुतः समानांतर सरकार चला रहे थे।  इसमें उन आपराधिक गिरोहों पर भी चर्चा की गई, जिन्हें राजनेताओं, सभी दलों के संरक्षण और सरकारी पदाधिकारियों के संरक्षण का आनंद मिलता था।  इससे पता चला कि राजनीतिक नेता गिरोह के नेता बन गए थे।  वे सेना से जुड़े हुए थे।  वर्षों से अपराधी स्थानीय निकायों, राज्य विधानसभाओं और संसद के लिए चुने गए हैं।  माना जाता है कि वोहरा रिपोर्ट के अप्रकाशित अनुलग्नकों में अत्यधिक विस्फोटक सामग्री थी।

                     एन एन वोहरा समिति

 1997 में, सर्वोच्च न्यायालय ने एन एन वोहरा समिति के निष्कर्षों की गहन जांच सुनिश्चित करने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की नियुक्ति की सिफारिश की।

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