बजट का अर्थ , परिभाषा , प्रकार एंव बजट के बदलते रूप - Budget की परिभाषा, अर्थ और बजट प्रकार के बारे में संपूर्ण जानकारी

 Budget की परिभाषा, अर्थ और बजट प्रकार के बारे में संपूर्ण जानकारी

 

 

 भूमिका

द्वितीय विश्वयुद्ध से पूर्व बजट राज्य सरकारों के प्रशासन के लिए धन प्राप्त करने का साधन मात्र थे | किंतु वर्तमान में बजट किसी राष्ट्र के आय - व्यय को संतुलित करने का ही कार्य नहीं करते हैं , अपितु वह अर्थव्यवस्था के विकास का साधन है और नए आर्थिक चिंतन और नूतन परीक्षणों का श्रीगणेश करते हैं |

बजट आज की आधुनिक राज्यों में राष्ट्र की आर्थिक नीति को संचालित और नियंत्रित करने के लिए निर्दिष्ट साधनों में प्रमुख साधन का स्थान रखता है | आज के समय में सरकार बजट की सहायता से अपना कार्य करती है तथा सार्वजनिक आय के विभिन्न स्रोतों का अधिकतम सदुपयोग करने की योजना बनाती है |

बजट वस्तुतः सार्वजनिक वित्तीय प्रशासन का हृदय है | बजट किसी राष्ट्र की वित्तीय स्थिति के लिए दर्पण दीपक और दिग्घोंतक यंत्र के तीन प्रकार के कार्य करता है |

बजट कई कारणों से प्रशासकों विधायकों एवं नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी है | प्रशासन करने वाले सरकारी अधिकारी बजट की सहायता से ही विभागों का प्रशासन समुचित रीति से कर सकते हैं |

बजट अर्थ एवं परिभाषा

बजट शब्द फ्रेंच भाषा की शब्द बूजेट (Bougette) से निकला है  , इसका अर्थ है " चमड़े का थैला या झोला " ।
  सन 1733 में ब्रिटिश वित्त मंत्री सर रोबट वॉलपोल ने अपने वित्तीय प्रस्ताव से संबंधित कागज संसद के सामने पेश करने के लिए एक चमड़े का थैले में से निकाला तो उनका मजाक उड़ाते हुए " बजट खोला गया " नामक एक पुस्तिका प्रकाशित की गई , उसी समय से बजट शब्द का प्रयोग सरकार की वार्षिक आय व्यय के विवरण के लिए किया जाने लगा।
सामान्य अर्थ में बजट का यह तात्पर्य है कि सरकार की वार्षिक आय व्यय का लेखा-जोखा बजट कहलाता है |

परिभाषाएं

लेनॉय ब्युलियों के अनुसार  - " बजट है एक निश्चित अवधि के अंतर्गत होने वाली अनुमानित प्राप्तियों तथा खर्चों का विवरण है " । 


रिन स्टॉर्म के अनुसार - "बजट एक लेख पत्र है इसमें सरकार की आय - व्यय की एक प्रारंभिक अनुमोदित योजना रहती है " |
 

जी. गीज के अनुसार - "बजट संपूर्ण सरकारी प्राप्तियों तथा खर्चों का एक पूर्व अनुमान तथा अनुमान है और कुछ प्राप्तियों का संग्रह करने तथा कुछ खर्चों को करने का एक आदेश अथवा प्राधिकरण है "|

बजट के प्रकार

लोक प्रशासन के विद्वानों ने सामान्यतः तीन प्रकार के बजट बतलाए हैं -

1.व्यवस्थापिका प्रणाली का बजट -

इस प्रकार की बजट प्रणाली मैं व्यवस्थापिका की प्रभुता पाई जाती है कार्यपालिका देश की विधायिका को बजट तैयार करने की प्रार्थना करती है और व्यवस्थापिका बजट को तैयार हो जाने पर उसकी स्वीकृति देती है

2कार्यपालिका प्रणाली का बजट

यह बजट का सर्वाधिक प्रचलित रूप है। इसमें कार्यपालिका ही बजट तैयार करती है और व्यवस्थापिका की स्वीकृति मिल जाने पर इसे लागू करने की जिम्मेदारी कार्यपालिका के पास ही रहती है |

मंडल आयोग प्रणाली का बजट

इस प्रणाली में बजट का निर्माण किसी मंडल या आयोग द्वारा किया जाता है जिसमें या कुछ प्रशासनिक अधिकारी होते हैं यहां केवल प्रशासनिक तथा शेष विधायी अधिकारी होते हैं |

बजट के महत्वपूर्ण सिद्धांत एक अच्छे बजट के लिए आवश्यक शर्तें -

कार्यपालिका के दायित्व का सिद्धांत -

  मुख्य कार्यपालिका प्रशासन चलाने के लिए उत्तरदाई मानी जाती है अतः यह है निधियों के संबंध में कई अच्छी तरह से बता सकती है |

प्रचार अथवा प्रकाशन -  बजट जनता के लिए बनता है जनता बजट से प्रभावित होती है अतः यह परम आवश्यक है कि बजट को कई चरणों अथवा अवस्थाओं से पूछना पड़ता है इस अवस्था में चरणों का प्रचार प्रकाशन होना चाहिए |

कर लगाने का संसद का एकमात्र अधिकार होता है |

व्यय पर विधान पालिका का नियंत्रण होता है कोई भी राजकीय व्यय विधायिका या संसद की स्वीकृति के बिना नहीं किया जा सकता है प्रत्येक सरकारी खर्च के लिए संसद की स्वीकृति आवश्यक है |

वार्षिकता का सिद्धांत

बजट में इस सिद्धांत का पूरा पालन करते हुए इसे केवल एक वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत किया जाता है स्वीकृत कर समाप्त हो जाने के बाद अगले वर्ष के लिए नया बजट पास करवाना पड़ता है |

संतुलित बजट - 

  बजट के मुद्दे आय - व्यय का संतुलन होना चाहिए अत्यधिक घाटे का बजट और अत्यधिक लाभ का बजट दोनों ही दोषपूर्ण माने जाते हैं |

लोच शीलता -

 बजट बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि बजट का रूट लोधी होना चाहिए ताकि उस में आवश्यकता अनुसार परिवर्तन किया जा सके |

स्पष्टता -

बजट की रूपरेखा स्पष्ट तथा सरल होनी चाहिए जिससे प्रत्येक नागरिक समझ सके अर्थात बजट में कठिन शब्दावली का प्रयोग नहीं करना चाहिए सरल व साधारण भाषा का प्रयोग एवं शब्दावली का प्रयोग करना चाहिए |

शुद्धता-  इसका अर्थ है कि बजट में आय व्यय के समस्त अनुमानों को अधिकतम शुद्ध रूप से प्रदर्शित करें |

मितव्यय - बजट के सभी अनुमान मितव्यय सिद्धांत का पालन करना चाहिए सार्वजनिक द्रव्य के एक पैसे का भी अनावश्यक खर्च , दुरुपयोग या बर्बादी नहीं होनी चाहिए |

नगद आधार - बजट 1 वर्ष के भीतर नगद रूप से प्राप्त होने वाली आमदनी तथा किए जाने वाले खर्च के आधार पर बनाया जाना चाहिए |

वर्तमान में बजट के बदलते रूप -

वर्तमान युग के कार्य निष्पादन बजट के रूप आविर्भाव के पूर्व बजट प्रणाली अग्र रूपों में प्रचलन में रही है

लाइन आइटम बजटिंग -

 इस बजट के रूप में सार्वजनिक खर्च पर कठोर नियंत्रण रखने के उद्देश्य को प्रमुखता दी जाती है इसके अंतर्गत खर्च अनुमानों को इंगित करते समय कर्ज की प्रत्येक मद (item) को पंक्ति बार लिखा जाता है व्यवस्थापिका के द्वारा हर एक अलग व्यय मद के लिए स्वीकृति दी जाती है जिस मद को अस्वीकार कर दी उसे खर्च करने का कार्यपालिका को कोई अधिकार नहीं होता है और ना ही कार्यपालिका अन्य मद पर खर्च करती है |

उदाहरण यदि एक केलकुलेटर खरीदने की स्वीकृति दी गई है तो उसके स्थान पर एक क्लर्क की नियुक्ति नहीं की जा सकती हैं ।

एक मुश्त बजट रूप बजट -

 प्रस्तुतीकरण की रीति उद्देश्यपरक रहनी जरूरी है एक बार खर्च के उद्देश्यों का निर्धारण हो जाने के पश्चात जरूरत पड़ने पर खर्च की राशि एक उद्देश्य से दूसरे उद्देश्य की पूर्ति के लिए हस्तांतरित की जा सकती है |

कार्य निष्पादन बजट-

 1930 की मंदी के पश्चात कार्यपालिका के प्रभावशाली नेतृत्व में बजट में निरूपित लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से बजट का यह रूप अस्तित्व में आया बजट निर्माण की स्थिति में खर्च पर नियंत्रण की आवश्यकता की अपेक्षा नहीं की जाती बल्कि कुछ अर्थों में खर्च पर अधिक प्रभावशाली नियंत्रण संभव हो जाता है बजट के इस स्वरूप की मूल विशेषता कार्यक्रमों के अनुसार बजट प्रस्तुत किया जाता है |

शून्य आधारित बजट -

 बजट का एक प्रकार शून्य पर आधारित बजट प्रक्रिया है जिसे पहली बार सन 1969 में पीटर ए. फिर्रे ने विकसित किया था शून्य पर आधारित होने का अर्थ - सभी कार्यक्रमों का मूल्यांकन करना । फिर्रे के अनुसार प्रत्येक संगठन के लिए शून्य पर आधारित दृष्टिकोण अनिवार्य है जिससे सभी गतिविधियों और कार्यक्रमों की व्यवस्थित समीक्षा और मूल्यांकन किया जाता है ।

परिणाम बजट -

 परिणाम बजट खर्च की योजना बनाकर उपयुक्त लक्ष्य सुनिश्चित कर प्रत्येक योजना में प्रमात्रात्मक प्रदाय निर्धारण करके , परिव्ययों को परिणाम में बदलने एवं प्रत्येक योजना / कार्यक्रम में बजट परिव्यय के परिणामों को आम लोगों की जानकारी में लाने का सरकार द्वारा किया गया एक प्रयास है


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