एकात्मक एवं संघात्मक शासन में अंतर

एकात्मक एवं संघात्मक शासन में अंतर

 शक्ति का स्रोत


एक संघीय प्रणाली के मामले में घटक इकाइयों ने अपनी स्वयं की शक्ति को अच्छी तरह से परिभाषित किया है । संघ की घटक इकाई के लिए शक्ति का स्रोत संविधान है ना कि संघीय सरकार ।

                                                  वहीं दूसरी ओर एकात्मक प्रणाली में शक्ति का मुख्य अधिकार केंद्र सरकार के पास होता है , जो शक्ति को निचली इकाइयों को समर्पित करती है । एकात्मक प्रणाली के मामले में निचली इकाइयों के लिए शक्ति का स्रोत संविधान के बजाय केंद्रीय सत्ता है ।

 शक्ति की प्रकृति


 संघीय प्रणाली में शक्ति घटक इकाइयों में अंतर्निहित होती है और इस प्रकार एक स्थायी  प्रकृति की है । तथा संघीय सरकार द्वारा उनके ढुलमुल रवैया और अभिरुचियों के आधार पर न  तो उसमें परिवर्तन किया जा सकता है अथवा नहीं वापस लिया जा सकता है । संघीय प्रणाली में शक्ति का घटक संविधान है  ।

                                                   एकात्मक सरकार में जहां  हस्तांतरित या विकेंद्रीकृत की गई शक्ति स्थायी प्रकृति की नहीं होती है और इसे केंद्रीय सत्ता द्वारा अपनी इच्छा अनुसार जब चाहे वापस लिया जा सकता है ।

क्षेत्रीय सीमांकन


एक संघीय प्रणाली के मामले में जब इकाइयां विभाजित होती है या जब विभिन्न इकाइयों एक साथ आती है  , तो इसका मुख्य उद्देश्य विविधता को समायोजित करना और बहुलवाद के लिए गुंजाइश प्रदान करना होता है ।
                                                           जबकि एकात्मक प्रणाली में छोटी इकाइयों में सीमांकित किया जाता है  , तो मुख्य उद्देश्य क्षेत्र पर प्रभावी शासन करना होता है ,  लेकिन विविधता को समायोजित करने वाला आयाम का मानदंड एकात्मक प्रणाली में विलुप्त है ।

विकेंद्रीकरण बनाम गैर केंद्रीकरण


 शक्ति के उद्देश्य पूर्ण विकेंद्रीकरण और सत्ता के गैर - विकेंद्रीकरण के बीच अंतर है । सत्ता का उद्देश्य पूर्ण विकेंद्रीकरण तब होता है जब उच्च अधिकारी भिन्न प्रकार की एकात्मक प्रणाली में निश्चित शक्ति निचले स्तर तक हस्तांतरित  या  विकेंद्रीकृत की जाती है  ।
                                                             शक्ति का उद्देश्यपूर्ण विकेंद्रीकरण एकात्मक प्रणाली के साथ जुड़ा हुआ है और दूसरी ओर गैर केंद्रीकरण संघीय व्यवस्था से संबंधित है ।


 कार्यात्मक स्वायत्तता


एक संघीय प्रणाली में घटक इकाइयों में कार्यात्मक स्वायत्तता का अधिक अनुपात होता है । और इसमें तात्विक कार्यात्मक शक्तियां होती है । संघीय प्रणाली में घटक इकाइयां स्वयं शासन और शक्ति सांझाकरण के विचारों को मूर्त रूप देती है ।
                                                             जबकि दूसरी ओर जब शक्ति एकात्मक प्रणाली में विकेंद्रीकृत होती है तो क्षेत्रीय प्रशासन को सीमित कार्यात्मक स्वायत्तता प्राप्त होती है ।

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